
देवभोग – शिक्षा और संस्कार की नींव को मजबूत करने की दिशा में जनपद पंचायत देवभोग की अध्यक्ष श्रीमती पदमालया सुशील निधि ने एक अत्यंत सराहनीय कदम उठाया है। क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों की बेहतरी को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर, देवभोग के लिए 11,000 रुपये की सहयोग राशि प्रदान की है।यह राशि उन्होंने अपने स्वेच्छानुदान मद से विद्यालय के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों में सहयोग हेतु सौंपी। इस अवसर पर श्रीमती पदमालया सुशील निधि ने कहा कि शिक्षण संस्थान समाज के भविष्य का निर्माण करते हैं। सरस्वती शिशु मंदिर जैसे संस्थान बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का भी संचार कर रहे हैं, ऐसे में संस्थानों को सशक्त बनाना हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है।विद्यालय परिवार ने जताया आभारश्रीमती पदमालया निधि की इस उदारता और शिक्षा के प्रति उनके दृष्टिकोण की विद्यालय प्रबंधन ने मुक्तकंठ से सराहना की है। सरस्वती शिशु मंदिर परिवार की ओर से प्राचार्य, आचार्य वृंद और समस्त प्रबंध समिति ने उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में संचालित स्कूलों को जब जन प्रतिनिधियों का ऐसा संबल मिलता है, तो न केवल संस्था का मनोबल बढ़ता है बल्कि छात्रों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।बुनियादी सुविधाओं में होगा सुधारप्राचार्य ने बताया कि इस सहयोग राशि का उपयोग विद्यालय की आवश्यक सुविधाओं के विस्तार और छात्र कल्याण के कार्यों में किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने भी जनपद अध्यक्ष की इस पहल को सराहा है, उनका मानना है कि जन प्रतिनिधियों का शिक्षण संस्थानों के प्रति ऐसा लगाव क्षेत्र के शैक्षणिक स्तर को ऊँचा उठाने में मील का पत्थर साबित होगा।इस गरिमामयी सहयोग के लिए सरस्वती शिशु मंदिर देवभोग ने एक बार फिर श्रीमती पदमालया सुशील निधि का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है।
