“खजुराहो के बस स्टैंड पर खड़ा हूं, साहब। जगह का नाम है ‘राजा यशोवर्मन बस स्टैंड’। नाम सुनते ही लगता है, कोई ऐतिहासिक गौरव है। मगर बस यही नाम सुनकर रुक जाइए, क्योंकि असलियत देखकर आपके भीतर का गौरव, शर्म में बदल जाएगा।” लालटेन से जलती रोशनी में धूल-मिट्टी से सना ये बस स्टैंड किसी