डोलकुमार निषाद@ डभरा-: सक्ति जिले के डभरा ब्लॉक अंतर्गत विभिन्न धान खरीदी केंद्रों से समय पर उठाव नहीं होने के कारण बड़ी मात्रा में धान खुले में पड़ा हुआ है। लगातार तेज धूप और बढ़ते तापमान के चलते धान की नमी तेजी से सूख रही है, जिससे उसके वजन में लगातार कमी आ रही है।
डभरा क्षेत्र के अलग अलग खरीदी केंद्रों में लगभग 10 हजार क्विंटल से अधिक मात्रा में धान का स्टॉक रखा हुआ है जिसका उठाव में देरी हो रहा है,,
वहीं खरीदी केंद्र प्रभारियों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत धान का भंडारण किया है और समय पर उठाव के लिए संबंधित विभाग को सूचित भी किया है। इसके बावजूद परिवहन और गोदाम व्यवस्था में देरी के कारण धान लंबे समय से खुले में पड़ा है। परिणामस्वरूप धान का वजन घट रहा है, जिसका खामियाजा भविष्य में स्टॉक मिलान के दौरान खरीदी केंद्र प्रभारियों को भुगतना पड़ सकता है।

वहीं विशेषज्ञों के अनुसार धान में नमी प्रतिशत कम होने से उसका कुल वजन घटता है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन यदि लंबे समय तक धान खुले में रहे तो वजन में उल्लेखनीय अंतर आ सकता है। ऐसे में वजन की कमी को लेकर जिम्मेदारी तय करना विवाद का कारण बन सकता है।
खरीदी केंद्रों से जुड़े कर्मियों का आरोप है कि धान का समय पर उठाव नहीं होना विभागीय उदासीनता को दर्शाता है। उनका सवाल है कि जब परिवहन और भंडारण की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है, तो प्राकृतिक कारणों से हुई वजन कमी के लिए खरीदी प्रभारी को क्यों जिम्मेदार ठहराया जाए..?
इस स्थिति को देखते हुए तत्काल धान उठाव, नमी के आधार पर वैज्ञानिक समायोजन तथा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग उठ रही है, ताकि खरीदी केंद्रों के प्रभारियों को अनावश्यक आर्थिक व प्रशासनिक दंड का सामना न करना पड़े।
