श्रमिक दिवस पर सिसकता डभरा: 25 मौतों के बाद भी सिस्टम खामोश, वादों पर धूल
वादे हवा-हवाई, जमीन पर सिर्फ मौत और इंतजार” न 100 बिस्तर अस्पताल, न 500 बच्चों का स्कूल–आखिर जवाबदेह कौन.?“वादे कागजों में, जमीन पर मौत: श्रमिक दिवस पर बड़ा सवाल” डोलकुमार निषाद@सक्ती/डभरा:-जहाँ एक ओर पूरा देश श्रमिक दिवस पर मजदूरों के सम्मान में पोस्ट और भाषणों की बौछार कर रहा है, वहीं डभरा क्षेत्र के श्रमिक
