
देवभोग। जिले के ग्राम पंचायत झाखरपारा में 15वें वित्त आयोग की राशि से कराए जा रहे विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, कार्य की प्रगति और राशि के उपयोग को लेकर जांच की मांग की जा रही है
जानकारी के अनुसार, घासीराम के खेत के सामने करीब 1,75,557 रुपये की लागत से पुलिया निर्माण कराया गया था। बताया जा रहा है कि निर्माण के कुछ ही दिनों बाद पुलिया में दरारें पड़ गईं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इसी तरह विनोद के घर के पास नाली निर्माण के नाम पर 1,50,000 रुपये की राशि आहरित किए जाने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर करीब 20 से 25 प्रतिशत ही काम हुआ है और राशि आहरण के लगभग आठ माह बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया है।वहीं जून माह में प्राथमिक शाला के पास 59,700 रुपये की लागत से प्रस्तावित कार्य के संबंध में भी ग्रामीणों का कहना है कि राशि स्वीकृत/आहरित होने के बावजूद दो माह बाद तक कार्य शुरू नहीं किया गया।इसके अलावा टांडीपारा में 1,57,750 रुपये की लागत से निर्मित पुलिया की गुणवत्ता को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया है।
इन सभी मामलों को लेकर अब यह सवाल उठ रहा है कि पंचायत में विकास कार्यों के लिए स्वीकृत सरकारी राशि का उपयोग निर्धारित कार्यों और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से निर्माण कार्यों की स्थल जांच, तकनीकी परीक्षण, माप पुस्तिका (एमबी), भुगतान अभिलेख और कार्य पूर्णता की जांच कराने की मांग की है।अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन निर्माण कार्यों की जांच कराकर सरकारी राशि के उपयोग और कार्यों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट करता है या मामला केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाता है
