सक्ति/चंद्रपुर। महानदी में बढ़े जलस्तर के चलते चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के तटीय गांवों में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच विधायक रामकुमार यादव प्रभावित ग्रामीणों और किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मौके पर निरीक्षण कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
विधायक रामकुमार यादव ने खेतों और प्रभावित इलाकों का जायजा लेते हुए किसानों से फसल नुकसान की जानकारी ली। बाढ़ के कारण धान, साग-सब्जी सहित विभिन्न कृषि फसलों को हुए नुकसान को लेकर उन्होंने चिंता जताई और किसानों को हरसंभव मदद दिलाने के लिए शासन-प्रशासन के समक्ष उनकी आवाज मजबूती से उठाने की बात कही।
ग्रामीणों से चर्चा के दौरान विधायक ने कहा कि लगातार बारिश और गंगरेल बांध के गेट खोले जाने के बाद महानदी का जलस्तर बढ़ा, जिससे तटीय क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि बांध के गेट खोले जाने की पूर्व सूचना समय पर गांवों तक नहीं पहुंच पाई। विधायक ने इस विषय को भी गंभीरता से लेते हुए भविष्य में समय रहते सूचना व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
किसानों के नुकसान का तत्काल सर्वे कराने की मांग
विधायक रामकुमार यादव ने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन से मांग की कि चंद्रपुर, कलमा, साराडीह, कछार सहित महानदी तटीय क्षेत्र के सभी प्रभावित गांवों में तत्काल सर्वे कराया जाए। किसानों की धान, साग-सब्जी एवं अन्य फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कर उन्हें शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण जिन गरीब परिवारों को नुकसान हुआ है, उनके लिए राहत सामग्री, आवास एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए।
संकट की घड़ी में ग्रामीणों के बीच पहुंचे विधायक
बाढ़ की स्थिति के बीच प्रभावित गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने और उनके साथ खड़े होने की विधायक रामकुमार यादव की पहल की ग्रामीणों ने सराहना की। किसानों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे विधायक के सामने रखीं, जिस पर विधायक ने उनकी मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाकर आवश्यक राहत दिलाने का भरोसा दिया।
क्षेत्र में बाढ़ से किसानों और ग्रामीण परिवारों को हुए नुकसान के बीच विधायक रामकुमार यादव की सक्रियता से प्रभावित लोगों में अपनी समस्याओं के समाधान और राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
