
सुरज बीसी गरियाबंद
*देवभोग (गरियाबंद):* स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को साफ-सुथरा बनाने और घर-घर से कचरा उठाने के सरकारी दावे देवभोग में दम तोड़ते नजर आ रहे हैं।
मामला देवभोग जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम डुमरबाहाल का है, जहां प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण गांव में चारों तरफ गंदगी और कचरे का अंबार लग गया है।ग्रामीणों की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से खरीदी गई कचरा गाड़ियां देखरेख के अभाव में खुद कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं। गांव के एक कोने में खड़ी ये गाड़ियां अब चलने लायक नहीं हैं, जिससे डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पूरी तरह ठप हो गया है।*

सड़कों पर फैला कचरा, महामारी का डर*कचरा गाड़ी बंद होने से डुमरबाहाल की गलियों, मुख्य चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा बिखरा पड़ा है।
नालियां जाम हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। सड़ते कचरे से पूरे गांव में तेज बदबू फैल रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरे के ढेर पर मच्छरों और जहरीले जीवों का जमावड़ा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और हैजा जैसी बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
*जिम्मेदारों की खामोशी से ग्रामीणों में आक्रोश*ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और जनपद अधिकारियों को जानकारी देने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। रखरखाव के फंड का हिसाब भी नहीं है।अब देखना होगा कि इस खबर के बाद प्रशासन हरकत में आता है या ग्रामीणों को यूं ही नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
