
*गरियाबंद के देवभोग में भूकंप से हड़कंप: दहशत के साये में बीती शाम*गरियाबंद (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के सीमावर्ती क्षेत्र देवभोग और आसपास के ग्रामीण अंचलों में आज शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 7:43 बजे धरती अचानक कांप उठी। भूकंप के इन झटकों ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। रिक्टर स्केल पर हालांकि इसकी तीव्रता कम आंकी गई है, लेकिन कंपन इतना स्पष्ट था कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागना पड़ा।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शाम के समय जब लोग अपने घरों में दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी अचानक जमीन हिलने लगी। घरों की छतों पर रखे बर्तन गिरने लगे और खिड़की-दरवाजों से तेज आवाजें आने लगीं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कच्चे मकानों में दरारें आने की आशंका के चलते लोग डर के मारे अपने छोटे बच्चों और बुजुर्गों को लेकर तुरंत खुले मैदानों की ओर दौड़े। झटकों का अहसास कुछ सेकंड तक रहा, लेकिन इसने लोगों के मन में गहरी दहशत पैदा कर दी है।प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, गरियाबंद जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की टीमें सक्रिय हो गई हैं। राहत की बात यह है कि वर्तमान में जिले के किसी भी हिस्से से किसी बड़ी क्षति या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने राजस्व विभाग के मैदानी अमले और पटवारियों को निर्देशित किया है कि वे प्रभावित गांवों का दौरा कर नुकसान का आकलन करें।जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे झटकों के बाद ‘आफ्टरशॉक्स’ आने की संभावना रहती है, जो कभी-कभी मुख्य झटके से भी खतरनाक हो सकते हैं। इसलिए, सुरक्षा के लिहाज से लोगों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल भारी निर्माण वाले पक्के मकानों या जर्जर इमारतों के भीतर सोने के बजाय खुले स्थानों का चयन करें। प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति के लिए कंट्रोल रूम को भी सक्रिय कर दिया है।
