अंबिकापुर, सरगुजा।
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना आज शहरी गरीब एवं स्लम क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों के लिए किसी संजीवनी से कम साबित नहीं हो रही है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर सहित विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) लोगों के घरों के समीप पहुंचकर निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं, जिससे छोटी बीमारियां समय रहते नियंत्रित हो रही हैं और गंभीर रोगों में परिवर्तित होने से बच रही हैं।

पहले जहां सामान्य जांच एवं उपचार के लिए लोगों को अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब मोबाइल मेडिकल यूनिट स्वयं लोगों के बीच पहुंचकर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रही है। शुगर, उच्च रक्तचाप (बीपी), एनीमिया एवं अन्य सामान्य बीमारियों का समय पर निदान और उपचार होने से मरीजों को काफी राहत मिल रही है।

सरगुजा जिले में संचालित हैं 7 मोबाइल मेडिकल यूनिट

मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत सरगुजा जिले में कुल 7 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित की जा रही हैं, जिनमें से 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में कार्यरत हैं। इन वाहनों के माध्यम से प्रतिदिन विभिन्न वार्डों एवं स्लम बस्तियों में पहुंचकर लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं।

योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी स्लम क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों को उनके निवास के समीप गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सके।

170 प्रकार की दवाइयां और 41 प्रकार की जांच निःशुल्क

मोबाइल मेडिकल यूनिट में मरीजों को लगभग 170 प्रकार की आवश्यक दवाइयां तथा 41 प्रकार की पैथोलॉजी जांचें पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

विशेष बात यह है कि कई ऐसी जांचें, जो सामान्यतः बड़े शहरों या निजी प्रयोगशालाओं में महंगी दरों पर उपलब्ध होती हैं, अब मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से आम लोगों के लिए निःशुल्क कराई जा रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से—

  • थायराइड प्रोफाइल जांच
  • LFT
  • RFT
  • CBC
  • विटामिन बी-12 जांच
  • विटामिन डी-3 जांच
  • एचपीएलसी (HPLC) जांच
  • मधुमेह संबंधी विशेष जांचें
  • विभिन्न रक्त एवं जैव रासायनिक परीक्षण

शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त हृदय संबंधी समस्याओं की पहचान के लिए ईसीजी (ECG) जांच की सुविधा भी मोबाइल मेडिकल यूनिट में उपलब्ध है, जो पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाती है।

उपचार के साथ स्वास्थ्य शिक्षा भी

मोबाइल मेडिकल यूनिट केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने का कार्य भी कर रही है। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नियमित रूप से लोगों को स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की जाती है, जिसमें मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, पोषण, टीकाकरण, मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियंत्रण जैसे विषयों पर जानकारी दी जाती है।

इस पहल से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और बीमारियों की रोकथाम में भी सहायता मिल रही है।

महिलाओं के लिए विशेष पहल: दाई दीदी क्लिनिक

योजना के अंतर्गत जिले में एक विशेष मोबाइल मेडिकल यूनिट “दाई दीदी क्लिनिक” भी संचालित की जा रही है, जो पूर्णतः महिलाओं को समर्पित है।

इस क्लिनिक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी पूरी टीम महिलाओं की है। यहां—

  • महिला चिकित्सक
  • महिला स्टाफ नर्स
  • महिला फार्मासिस्ट
  • महिला लैब टेक्नीशियन

कार्यरत हैं।

महिलाएं यहां बिना किसी झिझक के अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं साझा कर सकती हैं और आवश्यक परामर्श एवं उपचार प्राप्त कर सकती हैं। महिला स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की दिशा में यह पहल अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।

प्रतिदिन तय स्थानों पर पहुंचती है चिकित्सकीय टीम

योजना के संचालन संबंधी जानकारी देते हुए एरिया प्रोजेक्ट मैनेजर सिराज ने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतिदिन विभिन्न वार्डों एवं नगरीय निकाय क्षेत्रों में पहुंचती है।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक वाहन में एक प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम मौजूद रहती है, जिसमें—

  • एमबीबीएस चिकित्सक
  • स्टाफ नर्स
  • फार्मासिस्ट
  • लैब टेक्नीशियन
  • ड्राइवर सह सपोर्ट स्टाफ

शामिल रहते हैं।

यह टीम प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित स्थलों पर पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती है। सभी कर्मी प्रशिक्षित हैं और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही योजना

मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट आज उन लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है, जो आर्थिक, सामाजिक या भौगोलिक कारणों से नियमित स्वास्थ्य सेवाओं तक आसानी से नहीं पहुंच पाते थे। घर के समीप उपचार, निःशुल्क दवाइयां, अत्याधुनिक जांच सुविधाएं एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के कारण यह योजना आमजन के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के द्वार तक पहुंचाने की यह पहल न केवल रोगों के समय पर उपचार में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि एक स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

“अब लोगों को अस्पताल जाने की आवश्यकता कम पड़ रही है, क्योंकि अस्पताल स्वयं उनके पास पहुंच रहा है।” यही मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की सबसे बड़ी सफलता है।

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