सक्ती/@avdhesh-tandan। जिला सक्ती के भोथिया तहसील अंतर्गत अकलसारा, खन्हरिया, छीतापडरिया और झालरौदा में लगातार हो रहे डोलोमाइट उत्खन से प्रभावित 7 किलोमीटर परिधि के गांवों को मिलने वाली गौण खनिज रायल्टी की राशि में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को पत्र लिखकर अप्रभावित गांवों में राशि बांटे जाने पर आपत्ति जताई है और तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पत्र क्रमांक 387/22 दिनांक 28-11-2013 के अनुसार, जहां गौण खनिज का उत्खन होता है, वहां से 7 किलोमीटर की परिधि में आने वाले गांवों में रायल्टी की राशि से विकास कार्य कराए जाने का प्रावधान है।
तहसीलदार भोथिया द्वारा 25 अक्टूबर 2024 को जारी ज्ञापन क्रमांक 311 के तहत प्रभावित गांवों की सूची भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जैजैपुर को भेजी गई थी। आरोप है कि इसके बावजूद प्रशासन द्वारा सूची को दरकिनार कर अप्रभावित गांवों में रायल्टी की राशि वितरित कर दी गई।
पत्र में कहा गया है कि खदानों में होने वाली ब्लास्टिंग से उत्खन क्षेत्र और उसके 7 किलोमीटर के दायरे के गांवों में वायु व ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है। ऐसे में रायल्टी की राशि का उपयोग प्रभावित गांवों के विकास और पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए होना चाहिए। मुरूम समतलीकरण जैसे कार्य शासन के निर्देशानुसार प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं, फिर भी नियमों की अनदेखी की जा रही है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि तहसीलदार द्वारा तैयार सूची के आधार पर ही रायल्टी राशि का वितरण किया जाए और अप्रभावित गांवों में हो रहे कार्यों पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही कार्यों के अनुमोदन से पहले स्थल निरीक्षण और जियो टैग फोटो मंगाकर जांच कराने की भी मांग उठाई गई है।
यदि प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई तो प्रभावित क्षेत्र के लोग आंदोलन और हड़ताल के लिए बाध्य होंगे, ऐसा पत्र में चेतावनी दी गई है।
इस मामले में जिला पंचायत सक्ती, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सक्ती, जिला खनिज अधिकारी, जनपद पंचायत जैजैपुर और तहसीलदार जैजैपुर-भोथिया को भी प्रतिलिपि भेजी गई है।
