सुरज बीसी गरियाबंद

बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान के सेल्फ स्टडी से हासिल की सफलता, दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज में मिला प्रवेश

सुरज बीसी/देवभोग_गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक के छोटे से गांव सरगीगुड़ा से एक ऐसी सफलता की कहानी सामने आई है, जिसने परिवार के साथ पूरे कश्यप समाज और क्षेत्र का मान बढ़ाया है। गांव के होनहार छात्र विशाल कश्यप, पिता अभय कश्यप और माता एनीता कश्यप, ने अपने पहले ही प्रयास में NEET-2026 क्वालीफाई कर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दंतेवाड़ा में प्रवेश हासिल किया है।

बिना बड़े कोचिंग संस्थान के सेल्फ स्टडी से मुकाविशाल की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर उरमाल से हुई। इसके बाद उन्होंने रायपुर में आगे की पढ़ाई पूरी की।बचपन से पढ़ाई में रहे अव्वलपिता अभय कश्यप, जो व्याख्याता हैं, बताते हैं कि विशाल बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहे हैं।

स्कूल की परीक्षाओं के साथ-साथ जवाहर उत्कर्ष योजना और नवोदय विद्यालय जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया। पिता के मुताबिक विशाल का आत्मविश्वास, दृढ़ निश्चय और विषय के प्रति गंभीरता ही इस सफलता की सबसे बड़ी वजह रही।मां बोलीं-बेटे ने दिन-रात मेहनत कीमां एनीता कश्यप, जो शिक्षिका हैं,

ने बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि विशाल ने NEET को अपना लक्ष्य बनाकर लगातार मेहनत की। उन्होंने इस सफलता का श्रेय बेटे की मेहनत के साथ पिता के मार्गदर्शन को भी दिया। उन्होंने कहा कि बेटे की तैयारी के दौरान परिवार ने भी पूरी तरह उसका साथ दिया। विशाल का चयन उनके लिए गर्व का क्षण है और उन्होंने बेटे को डॉक्टर बनने के अगले सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।

विशाल ने सफलता का श्रेय परिवार और गुरुजनों को दियाअपनी सफलता पर विशाल कश्यप ने कहा कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता, गुरुजनों और शुभचिंतकों के आशीर्वाद का परिणाम है।

उन्होंने विशेष रूप से पिता अभय कश्यप, मामा कृष्ण कुमार सोम और बड़े भाई प्रशांत कश्यप का आभार जताया, जिन्होंने कम समय में NEET की तैयारी की रणनीति बनाने में उनका मार्गदर्शन किया।विशाल ने ज्ञान गंगा एजुकेशनल एकेडमी के शिक्षकों को भी धन्यवाद दिया।

वहीं परीक्षा के दौरान उनकी सेहत का विशेष ध्यान रखने के लिए उन्होंने अपनी मां के प्रति भी आभार जताया।सरगीगुड़ा से मेडिकल कॉलेज तक-परिवार में खुशीविशाल के चयन की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और गांव में खुशी का माहौल है।

एक सामान्य ग्रामीण परिवेश से निकलकर पहले प्रयास में NEET क्वालीफाई कर मेडिकल कॉलेज तक पहुंचना क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बन गया है।

सरगीगुड़ा के विशाल कश्यप की यह उपलब्धि सिर्फ परिवार की खुशी नहीं, बल्कि मैनपुर क्षेत्र और कश्यप समाज के लिए भी गर्व का विषय बन गई है

मविशाल ने अपनी सफलता के लिए किसी विशेष कोचिंग संस्थान पर निर्भर रहने के बजाय सेल्फ स्टडी, अनुशासन और लगातार मेहनत को आधार बनाया।

कक्षा 12वीं में रायपुर के ज्ञान गंगा एजुकेशनल एकेडमी में अध्ययन करते हुए उन्होंने NEET की तैयारी की और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली।

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