दो साल की ऑनलाइन यारी का अंत पुलिस थाने के बाहर फोटो सेशन के साथ…

डोल कुमार निषाद@चन्द्रपुर/सक्ती-:
सोशल मीडिया की दुनिया में “हाय-हैलो” से शुरू हुई कहानी आखिरकार पुलिस थाने के गेट पर जाकर खत्म हुई। फेसबुक पर हुई दोस्ती, भरोसे की बातें, फिर फोटो और वीडियो की मांग, उसके बाद पैसों की डिमांड और आखिर में ब्लैकमेलिंग का ऐसा सिलसिला चला कि मामला सीधे पुलिस तक पहुंच गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहले दोस्ती की मिठास घोली, फिर निजी फोटो और वीडियो हासिल करने की कोशिश की और जब बात नहीं बनी तो कथित तौर पर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर 2500 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी, दोबारा पैसों की मांग और आपत्तिजनक सामग्री भेजने के बाद पीड़िता ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

चन्द्रपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

सोशल मीडिया की दोस्ती में सावधानी जरूरी:
आज के दौर में फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करना आसान है, लेकिन हर प्रोफाइल के पीछे बैठा व्यक्ति दोस्त ही हो, इसकी कोई गारंटी नहीं होती।
“अनजान लोगों से दोस्ती करने से पहले जांच-पड़ताल करें, वरना फेसबुक की फ्रेंड लिस्ट से सीधे केस डायरी तक का सफर तय हो सकता है।”

चंद्रपुर पुलिस की अपील:
थाना प्रभारी जितेंद्र कोसले
ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को निजी फोटो, वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग या साइबर ठगी का प्रयास करता है तो तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराएं,,।
सोशल मीडिया पर दोस्ती कीजिए, लेकिन इतनी भी नहीं कि सामने वाला आपकी प्रोफाइल से ज्यादा आपकी जेब और निजी जिंदगी में दिलचस्पी लेने लगे।

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