दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में संगठन से लेकर सत्ता की रणनीति तक हुआ मंथन, कार्यकर्ताओं को मिला ‘मिशन 2028’ का संदेश

डोलकुमार निषाद डभरा/सक्ती | 03 जून 2026

आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी समीकरणों को साधने की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने सक्ती जिले में संगठनात्मक धार को और पैना करने की कवायद तेज कर दी है। पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान–2026 के तहत कृष्ण पैलेस, डभरा में आयोजित भाजपा जिला सक्ती के दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का समापन राजनीतिक संदेशों, संगठनात्मक रणनीति और चुनावी तैयारियों के स्पष्ट संकेतों के बीच हुआ।

दो दिनों तक चले इस प्रशिक्षण वर्ग में भाजपा ने साफ संकेत दिए कि आने वाले समय में लड़ाई केवल सड़कों और सभाओं में नहीं, बल्कि बूथ, मोबाइल, सोशल मीडिया और AI आधारित सूचना तंत्र के जरिए भी लड़ी जाएगी। कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक मजबूती, मीडिया प्रबंधन, बूथ रणनीति, सोशल मीडिया, आईटी, AI और सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का ‘राजनीतिक रोडमैप’ समझाया गया।

प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ ध्वजारोहण, दीप प्रज्ज्वलन और प्रदर्शनी अवलोकन से हुआ। उद्घाटन सत्र में जिला अध्यक्ष टिकेश्वर सिंह गबेल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा सहित वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा की वैचारिक पृष्ठभूमि, संगठन की यात्रा और जमीनी कार्यकर्ताओं की ताकत को चुनावी सफलता की रीढ़ बताया।

पहले दिन के सत्रों में भाजपा ने एक तरफ अपनी वैचारिक जमीन मजबूत करने का प्रयास किया, तो दूसरी ओर मीडिया और जनसंपर्क को लेकर नई रणनीति पर चर्चा हुई। शिवरतन शर्मा ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को भाजपा की वैचारिक सोच से जोड़ते हुए सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना पर जोर दिया। सक्ती के पूर्व जिला अध्यक्ष – कृष्णकांत चंद्रा ने मीडिया प्रबंधन पर बोलते हुए कहा कि वर्तमान दौर में नैरेटिव की लड़ाई उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी राजनीतिक लड़ाई।

पूर्व विधायक नारायण चंदेल ने कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक अनुशासन और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि भाजपा का असली बल उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। वहीं जगदीश रामू रोहरा ने बूथ स्तर तक पहुंच और जनसंपर्क को भाजपा की सबसे बड़ी ताकत बताया।

विशेष व्यवहारिक सत्र में भाजपा ने आधुनिक राजनीति के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया, आईटी, AI, मीडिया प्रबंधन, लाभार्थी संपर्क और नैरेटिव निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। मनोज शर्मा और बृजेन्द्र शुक्ला ने संगठनात्मक कार्यपद्धति और जमीनी नेटवर्क को मजबूत करने के टिप्स दिए।

दूसरे दिन भाजपा का फोकस साफ तौर पर ‘डिजिटल राजनीति’ और ‘बूथ मैनेजमेंट’ पर दिखाई दिया। सुनील पिल्लई ने आईटी और बूथ प्रबंधन को चुनावी जीत का अहम हथियार बताते हुए कार्यकर्ताओं से तकनीक का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया। उदय श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया और AI को “राजनीतिक संवाद का नया युद्धक्षेत्र” बताते हुए सकारात्मक संदेश और प्रभावी सूचना तंत्र की जरूरत पर बल दिया।

जांजगीर सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने सरकार की गरीब कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में संगठन की भूमिका को अहम बताते हुए कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क बढ़ाने की अपील की। हितानंद अग्रवाल ने विचार परिवार और राष्ट्रवाद को भाजपा की वैचारिक आत्मा बताते हुए संगठन को परिवारवाद से ऊपर राष्ट्रहित का माध्यम बताया।

दशम सत्र में अवधेश जैन ने भाजपा की वैचारिक धुरी – एकात्म मानव दर्शन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और पंचनिष्ठा – को विस्तार से समझाया, जबकि संदीप शर्मा ने वर्तमान राजनीतिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को कार्यकर्ताओं के लिए चुनौती और अवसर दोनों बताया।

समापन सत्र में पवन साय ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा की ताकत केवल नेतृत्व नहीं, बल्कि बूथ स्तर तक सक्रिय और प्रशिक्षित कार्यकर्ता हैं। अंतिम जिज्ञासा समाधान सत्र में अजय जामवाल ने संगठनात्मक सवालों का जवाब देकर आगामी रणनीति पर दिशा स्पष्ट की।

जिला महामंत्री एवं जिला संयोजक दीपक अग्रवाल ने कहा कि यह प्रशिक्षण वर्ग भाजपा के लिए केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत करने का मिशन है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता वैचारिक स्पष्टता, तकनीकी दक्षता और जनसंपर्क के दम पर आने वाले समय में संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

सक्ती में संयोगिता सिंह जूदेव का बड़ा संदेश: “राष्ट्र प्रथम, संगठन सर्वोपरि”

संयोगिता सिंह जूदेव ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा, सांस्कृतिक मूल्यों और जनकल्याण के संकल्प से जुड़ा एक सशक्त विचार परिवार है। भाजपा की राजनीति सत्ता प्राप्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास, सुशासन और योजनाओं का लाभ पहुंचाना इसका मूल उद्देश्य है

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आज के दौर में संगठन की मजबूती केवल बैठकों और कार्यक्रमों से नहीं, बल्कि जनता के बीच सतत संवाद, सेवा कार्यों और जमीनी सक्रियता से तय होती है। प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन का दूत है और उसकी जिम्मेदारी है कि वह गांव-गांव, वार्ड-वार्ड और घर-घर जाकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाए।

संयोगिता सिंह जूदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गरीब, किसान, महिला, युवा और जरूरतमंद वर्ग के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करने में संगठन और कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीक की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान समय सूचना और संवाद का युग है। कार्यकर्ताओं को सकारात्मक संदेश, तथ्यात्मक जानकारी और संगठन की उपलब्धियों को डिजिटल माध्यमों से भी प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना चाहिए, ताकि भ्रम और भ्रामक प्रचार का मजबूती से जवाब दिया जा सके।

उन्होंने कहा कि भाजपा का मूल मंत्र ‘राष्ट्र प्रथम, संगठन सर्वोपरि और सेवा ही संकल्प’ है। कार्यकर्ताओं को समाज के हर वर्ग के बीच जाकर विश्वास, संवाद और समर्पण की भावना के साथ कार्य करना चाहिए। मजबूत संगठन ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होता है और भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं।

अंत में उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने, जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहने तथा आगामी चुनौतियों के लिए पूर्ण समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन दीपक अग्रवाल ने किया। प्रशिक्षण वर्ग में जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा-प्रकोष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि भाजपा आने वाले राजनीतिक समीकरणों को लेकर जमीनी स्तर पर अपनी तैयारी को और धार देने में जुट चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back