जैजैपुर/@avdhesh-tandan। एक तरफ सरकार किसानों के हित के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है तो दूसरी ओर ठेकेदार घटिया निर्माण कर अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं। सक्ति जिले के जैजैपुर क्षेत्र के ओड़ेकेरा से बरदुली तक दूरी लगभग छः किलोमीटर वर्तमान कार्य स्थल कुटराबोर में निर्माणाधीन नहर कार्य में जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी एवं ठेकेदार द्वारा आपस में मिली भगत कर भारी भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है। किसानों के खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने के नाम पर करोड़ों रुपये की लागत से नहर निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है, निर्माण कार्य में न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है और न ही जिम्मेदार इंजीनियरों की निगरानी दिखाई दे रही है। ठेकेदार अपनी मनमानी करते हुए अत्यंत घटिया और निम्न गुणवत्ता का निर्माण कर रहा है। नहर की मोटाई मानक के अनुरूप नहीं है, कई स्थानों पर यह मात्र एक इंच के आसपास दिखाई दे रही है जगह जगह दरारे आ चुकी है, कंक्रीट में तराई भी नही किया जा रहा है। निर्माण में उपयोग हो रहा मटेरियल भी गुणवत्ता हीन है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभाग और ठेकेदार मिलकर किसानों के विकास के नाम पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं।
अब किसानों के खेतों में बनने वाली नहरों में भी भ्रष्टाचार हो रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
इंजीनियर रहते हैं कार्यस्थल से नदारद
जल संसाधन विभाग के इंजीनियर जिनकी देखरेख में करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे नहर निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दी गई है वही मौके से नदारद रहते हैं और यहाँ ठेकेदार अपनी मर्जी से गुणवत्ता को दरकिनार कर घटिया निर्माण कार्य कर रहा है और अकुशल मजदूरों के भरोसे नहर निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता क्या होगी।
सरकार की छबि धूमिल कर रहे हैं जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी
एक तरफ मुख्यमंत्री महोदय कहते हैं कि भ्रष्टाचार करने वाले को कदापि बख्शा नही जाएगा लेकिन मुख्यमंत्री के बयानों को ठेंगा दिखाते हुए जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार मिलीभगत कर खुलेआम भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे हैं लेकिन कोई सुध लेने वाला नही है। आगे ऐसे ही निर्माण कार्य रहा तो नहर साल भर बारिश के मौसम में भी टिक नही पायेगा।
