डोलकुमार निषाद@सक्ती/जांजगीर:- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के करही गांव में गुरुवार आधी रात हुई सनसनीखेज फायरिंग ने पूरे इलाके को दहला दिया। तीन नकाबपोश बदमाश कट्टा लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जैजैपुर के उपाध्यक्ष व व्यवसायी सम्मेलाल कश्यप के घर में घुसे और उनके दोनों बेटों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस हमले में बड़े बेटे आयुष कश्यप की मौत हो गई, जबकि छोटे बेटे आशुतोष कश्यप गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जिला अस्पताल जांजगीर में जारी है।

घर के अंदर घुसकर मचाया ‘मौत का तांडव’
देर रात तीनों हमलावर सीधे उस कमरे में पहुंचे जहां सम्मेलाल कश्यप के बेटे और बेटी सो रहे थे। इसी दौरान आशुतोष का मोबाइल बजा और वह उठ गया। सामने नकाबपोशों को देखते ही एक हमलावर ने उस पर फायर झोंक दिया।
गोली की आवाज सुनकर बड़ा भाई आयुष और बहन भी जाग गए—लेकिन तब तक हमलावरों ने आयुष के सीने और कनपटी पर गोलियां दाग दीं।

हमलावरों ने बहन पर पिस्टल तानकर उससे मोबाइल और करीब 100 रुपये छीने, फिर सम्मेलाल के कमरे को बाहर से बंद कर गाली-गलौज करते हुए फरार हो गए।

पड़ोसियों ने बचाई जान, अस्पताल में मौत से जंग
घटना के बाद घर के अंदर बंद सम्मेलाल कश्यप ने किसी तरह पड़ोसियों को फोन कर मदद मांगी। दरवाजा खोला गया और दोनों घायलों को तत्काल बिर्रा अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में जिला अस्पताल जांजगीर रेफर किया गया।
डॉक्टरों ने आयुष को मृत घोषित कर दिया, जबकि आशुतोष का इलाज जारी है।

‘लूट नहीं, सोची-समझी साजिश’—उठे बड़े सवाल
घटना को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। खुद सम्मेलाल कश्यप ने बयान दिया कि व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते उनके कई दुश्मन बन गए थे और उन्हें पहले भी जान से मारने की धमकियां मिल चुकी थीं।
उन्होंने रेत के कारोबार से जुड़े विवाद और अवैध उत्खनन माफिया पर भी हत्या कराने की आशंका जताई है।


विधायकों का आरोप—‘शूटर भेजकर कराई गई हत्या’
घटना की खबर मिलते ही जांजगीर-चांपा के विधायक ब्यास कश्यप और जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू जिला अस्पताल पहुंचे।
दोनों जनप्रतिनिधियों ने इस वारदात को महज लूट नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या करार दिया। उन्होंने आशंका जताई कि किसी बड़े प्रतिद्वंद्वी ने शूटर भेजकर इस घटना को अंजाम दिलाया है।
साथ ही इलाके में अवैध रेत कारोबार और प्रशासनिक ढील पर भी सवाल उठाए गए।

पुलिस अलर्ट, CCTV और साइबर सेल खंगाल रही सुराग
घटना के बाद सक्ती और जांजगीर-चांपा पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। एडिशनल एसपी उमेश कुमार कश्यप के मुताबिक,
“जिस तरह घर में घुसकर सीधे फायरिंग की गई, उससे मामला लूट का नहीं लगता।”
गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है।

इलाके में दहशत, सुरक्षा पर सवाल
इस खौफनाक वारदात के बाद करही गांव समेत पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोग अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही—
क्या यह रेत माफिया की खूनी साजिश है या फिर व्यवसायिक दुश्मनी का खौफनाक अंजाम?
