डोलकुमार निषाद@डभरा/सक्ती-: जिले के खम्हरिया और छितापडरिया क्षेत्र में डोलोमाइट पत्थर का अवैध परिवहन इन दिनों चरम पर है। नियम-कायदों को दरकिनार कर खदानों से बिना रॉयल्टी के खनिज निकाला जा रहा है और खुलेआम बाजार तक पहुंचाया जा रहा है। इस पूरे खेल से शासन को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में संचालित करीब 12 से 14 डोलोमाइट खदानों से बड़े पैमाने पर पत्थर का उत्खनन किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से अधिकांश खनिज का परिवहन बिना वैध दस्तावेज और रॉयल्टी पर्ची के ही किया जा रहा है।
जानकारी यह भी सामने आई है कि हाइवा वाहनों के जरिए लगातार डोलोमाइट पत्थर स्थानीय क्रशर प्लांटों सहित अन्य इकाइयों तक पहुंचाया जा रहा है। पूरे मामले में नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है,

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से बेखौफ तरीके से संचालित हो रहा है, लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होने से माफियाओं के हौसले और बुलंद हो गए हैं। प्रशासन की चुप्पी से यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस अवैध नेटवर्क को कहीं न कहीं संरक्षण मिल रहा है।
मामले को लेकर जब खनिज विभाग के अधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने जांच का हवाला देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह जांच भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगी, या फिर प्रशासन डभरा-चंद्रपुर में हुए “ऑपरेशन कलमा” जैसी कड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खनन और परिवहन पर वास्तव में लगाम लगाया जाएगा।
