विशेष जांच अधिकारी के समक्ष पेश हुआ आवेदन, साक्ष्य–वीडियो भी जमा
डोलकुमार निषाद@डभरा/सक्ति:
वेदांता पावर प्लांट, सिंघीतरई में 14 अप्रैल को हुए भीषण हादसे के मामले में अब जांच ने नया मोड़ ले लिया है। प्रशासन द्वारा 5 मई तक आमजन से साक्ष्य प्रस्तुत करने की अपील के बीच, आज विशेष जांच अधिकारी एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी डभरा के समक्ष एक विस्तृत लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया।

इस आवेदन के साथ घटना से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, पेपर कटिंग, वीडियो साक्ष्य और अन्य प्रमाण भी सौंपे गए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और भी स्पष्ट हो गई है।
यह आवेदन पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता आरती वैष्णव द्वारा दिया गया, जिसमें हादसे से जुड़े कई गंभीर बिंदु उठाए गए हैं।
लापरवाही पर सीधा आरोप, FIR की मांग
आवेदन में साफ तौर पर आरोप लगाया गया है कि हादसा केवल दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही का परिणाम है।
साथ ही दोषी अधिकारियों एवं प्लांट प्रबंधन के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
प्रशासन की अपील के बाद बढ़ी सक्रियता
गौरतलब है कि प्रशासन ने पहले ही आमजन से अपील की थी कि यदि किसी के पास हादसे से जुड़ा कोई भी साक्ष्य हो तो वह 5 मई तक जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करे।
अब इस आवेदन और साक्ष्यों के सामने आने के बाद मामले में जवाबदेही तय होने का दबाव और तेज हो गया है।
“यह सिर्फ आवेदन नहीं, न्याय की लड़ाई है”
आवेदनकर्ताओं का कहना है कि यह कदम केवल औपचारिकता नहीं बल्कि पीड़ित श्रमिकों को न्याय दिलाने की मजबूत पहल है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच कितनी निष्पक्ष होती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
सवाल अब यही है—क्या वेदांता हादसे का सच सामने आएगा या जिम्मेदार फिर बच निकलेंगे?
