*वर्ष 2025-26 के विकास कार्यों की जांच की मांग, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी आवाज*

*देवभोग / गरियाबंद।* गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घोघर में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 15वें वित्त आयोग एवं मूलभूत मद की राशि से कराए गए विकास कार्यों को लेकर अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की आशंका के चलते निष्पक्ष जांच की मांग उठी है।

पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए आवंटित शासकीय राशि के उपयोग, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन तथा व्यय से संबंधित अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की जा रही है। साथ ही यदि जांच में वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की मांग भी की गई है।

*विकास कार्यों की राशि के उपयोग की हो जांच*ग्राम पंचायतों को गांव में बुनियादी सुविधाओं का विकास करने के उद्देश्य से विभिन्न मदों में शासकीय राशि उपलब्ध कराई जाती है।

15वें वित्त आयोग एवं मूलभूत मद से प्राप्त राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए किया जाता है।ग्राम पंचायत घोघर में इस मद से कराए गए कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मांग है कि पंचायत में स्वीकृत एवं पूर्ण बताए गए सभी कार्यों की सूची तैयार की जाए तथा प्रत्येक कार्य की वास्तविक स्थिति का मौके पर पहुंचकर सत्यापन किया जाए।जांच के दौरान यह भी देखा जाना चाहिए कि जिन कार्यों के लिए राशि स्वीकृत की गई थी, वे कार्य निर्धारित स्थान पर वास्तव में कराए गए हैं या नहीं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री, कार्य की माप, भुगतान की गई राशि और वास्तविक प्रगति का मिलान किया जाना आवश्यक है।

*स्वीकृत कार्यों और वास्तविक निर्माण की हो तुलना*ग्रामीणों का कहना है कि स्वीकृति, तकनीकी प्राक्कलन, कार्यादेश, माप पुस्तिका और भुगतान संबंधी दस्तावेज महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए 2025-26 के दौरान 15वें वित्त आयोग एवं मूलभूत मद से कराए गए कार्यों की जांच करते समय इन सभी अभिलेखों की बारीकी से पड़ताल की जानी चाहिए।यदि किसी कार्य की लागत और मौके पर दिखाई देने वाले निर्माण में अंतर मिलता है,

या किसी कार्य को पूर्ण दर्शाया गया है तो उसकी वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन कर अभिलेखों से मिलान किया जाना चाहिए।इसके अतिरिक्त निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन हुआ है या नहीं, कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक है या नहीं तथा भुगतान नियमानुसार किया गया है या नहीं, इन सभी बिंदुओं को जांच के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। जांच केवल कागजी दस्तावेजों तक सीमित न रहकर वास्तविक निर्माण स्थल तक पहुंचनी चाहिए।

*पंचायत के वित्तीय अभिलेखों की जांच जरूरी*वित्तीय अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए पंचायत के वित्तीय अभिलेखों की जांच भी महत्वपूर्ण है। इसके अंतर्गत संबंधित अवधि की स्वीकृतियां, प्राप्त राशि, व्यय विवरण, बिल-वाउचर, भुगतान अभिलेख, माप पुस्तिका, उपयोगिता प्रमाण पत्र तथा अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए।

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