डभरा से चन्द्रपुर तक गूंजेगा माता रानी का जयकारा, श्रद्धालुओं को पदयात्रा में शामिल होने का आमंत्रण
डोलकुमार निषाद@डभरा/चन्द्रपुर-: धर्म, आस्था और भक्ति की पावन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए माँ देवसर भवानी मंदिर डभरा से माँ चन्द्रहासिनी मंदिर चन्द्रपुर तक तेरहवीं पदयात्रा का आयोजन 12 एवं 13 अक्टूबर 2026 को किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। माँ के जयकारों के साथ निकलने वाली यह पदयात्रा भक्तों को भक्ति, समर्पण और सामाजिक एकजुटता के सूत्र में पिरोने का संदेश देगी।

इस आयोजन में माँ सेवक प्रीतम अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत डभरा, की महत्वपूर्ण भूमिका है। धार्मिक आस्था के प्रति समर्पण और जनसरोकारों से जुड़ाव के साथ इस आयोजन को श्रद्धापूर्वक संपन्न कराने की तैयारियाँ की गई हैं। उनके परिवार की नई पीढ़ी भी इन धार्मिक एवं सामाजिक परंपराओं से प्रेरणा लेते हुए सेवा और संस्कारों की विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश देती है।
सोमवार 12 अक्टूबर की रात डभरा से होगा पदयात्रा का शुभारंभ…
आयोजन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026, सोमवार की रात 2 बजे माँ देवसर भवानी मंदिर डभरा से पदयात्रा प्रारंभ होगी। इसके बाद 13 अक्टूबर, मंगलवार की सुबह 8 बजे माँ चन्द्रहासिनी मंदिर चन्द्रपुर में ध्वजा चढ़ाई जाएगी। श्रद्धालु माता रानी के जयकारों के साथ इस धार्मिक यात्रा में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे,,,।
महिलाओं के लिए अलग डीजे व्यवस्था
पदयात्रा में महिलाओं की सहभागिता को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग से डीजे व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था आयोजन को व्यवस्थित और उत्साहपूर्ण बनाने के साथ महिलाओं की भागीदारी को भी प्रोत्साहित करेगी।
आस्था के साथ सेवा और संस्कारों का संदेश
माँ देवसार भवानी और माँ चन्द्रहासिनी के प्रति श्रद्धा से जुड़ी यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव, सामूहिक सहभागिता और सेवा भावना को मजबूत करने का अवसर भी है। प्रीतम अग्रवाल एवं उनके सुपुत्र के लिए यह आयोजन धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान और भावी पीढ़ी तक संस्कारों को पहुँचाने की सकारात्मक प्रेरणा के रूप में देखा जा सकता है।
आयोजकों की ओर से समस्त श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पदयात्रा में शामिल होकर माँ का आशीर्वाद प्राप्त करें और इस पावन आयोजन को सफल बनाएं।
