*जिला जेल गरियाबंद में 240 बंदियों की आयु और संरक्षण की जांच, 8 बैरकों का निरीक्षण**गरियाबंद, 05 अक्टूबर 2026।*

सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली के निर्देश पर जिला जेल गरियाबंद का त्रैमासिक निरीक्षण 29 सितंबर को किया गया।जिला कार्यक्रम अधिकारी वरुण नागेश के निर्देश और जिला बाल संरक्षण अधिकारी अनिल द्विवेदी के मार्गदर्शन में जेल निरीक्षण समिति ने जेल की 8 बैरकों का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रत्येक बंदी से व्यक्तिगत मुलाकात कर वास्तविक आयु की जानकारी ली गई।

जेल में कुल 240 बंदी दर्ज हैं, जिनमें से 228 जेल में मौजूद मिले जबकि 12 बंदी कोर्ट में पेशी के लिए गए हुए थे। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आयु निर्धारण में त्रुटि के कारण कोई नाबालिग जेल में निरुद्ध न रहे।निरीक्षण के दौरान एक बंदी ने अपनी उम्र 18 वर्ष से कम बताई। समिति ने उसका आयु सत्यापन कराने का आश्वासन दिया है।

वहीं दो बंदियों ने बताया कि उनके जेल में रहने से घर पर बच्चों की देखरेख के लिए कोई वैध संरक्षक नहीं है। समिति ने बच्चों के संरक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।यह निरीक्षण मिशन वात्सल्य योजना के तहत बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया।

समिति में बाल कल्याण समिति सदस्य श्रीमती ताकेश्वरी साहू, किशोर न्याय बोर्ड सदस्य श्रीमती केमेश्वरी साहू, अधिवक्ता हेमराज दाऊ, सामाजिक कार्यकर्ता लता नेताम और विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी शरद चंद्र निषाद शामिल रहे। जेल अधीक्षक टामन साहू सहित स्टाफ ने सहयोग प्रदान किया।

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