*गरियाबंद।* पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक भावना को जोड़कर _श्री रामराज युवा संगठन_ ने गरियाबंद में “एक पेड़ प्रभु श्री राम के नाम” अभियान के तहत भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। संगठन के युवाओं ने शहर के *भूतेश्वर भगवान परिसर* एवं *प्रिंस क्लब परिसर* में उत्साह के साथ पौधे लगाकर प्रकृति को सहेजने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि आम जनता को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली का उपहार देना है। सुबह से ही संगठन के सदस्य, स्थानीय युवा और पर्यावरण प्रेमी दोनों स्थानों पर एकत्रित हुए। सभी ने मिलकर गड्ढे खोदे, पौधे रोपे और मिट्टी डाली। संगठन के युवा पूरी तन्मयता से पौधा लगाई , जो इस अभियान के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है।

संगठन के अध्यक्ष प्रकाश सोनी ने कहा कि “हमारा संकल्प सिर्फ आज पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। लगाए गए प्रत्येक पौधे की तब तक देखरेख की जाएगी जब तक वह बड़ा होकर पेड़ का रूप न ले।” उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण के बाद नियमित रूप से पानी देने और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी संगठन के सदस्य निभाएंगे।

“आओ मिलकर कदम बढ़ाएं, पर्यावरण संरक्षण के लिए एक पेड़ लगाएं” के नारे के साथ युवाओं ने समाज के हर वर्ग से इस मुहिम से जुड़ने की अपील की। पदाधिकारियों का मानना है कि आज का छोटा सा प्रयास आने वाले समय में शुद्ध हवा, ठंडी छाया और हरियाली के रूप में पूरे समाज को लाभ देगा।

भूतेश्वर भगवान परिसर को धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए और प्रिंस क्लब परिसर को सार्वजनिक स्थल के रूप में चुनकर संगठन ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण हर व्यक्ति और हर स्थान की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने जन्मदिन, त्योहार और विशेष अवसरों पर भी पौधे लगाकर प्रकृति को समर्पित करेंगे।

श्री रामराज युवा संगठन ने अंत में संदेश दिया कि ‘एक पेड़ लगाएं, प्रकृति को बचाएं और जीवन को खुशहाल बनाएं’ संगठन के इस प्रयास की स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि जब युवा इस तरह धार्मिक और सामाजिक कार्यों को एक साथ जोड़कर आगे आते हैं तो समाज में सकारात्मक बदलाव निश्चित है।

संगठन ने आगे भी जिले के अन्य सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों और मंदिर परिसरों में वृक्षारोपण करने की योजना बनाई है, ताकि गरियाबंद को हरा-भरा और स्वच्छ बनाया जा सके।

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