कोंडागांव। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना आज केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि शहरी स्लम बस्तियों में रहने वाले हजारों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवनरेखा बन चुकी है। पिछले कई वर्षों से यह योजना उन लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही है, जिनके लिए अस्पताल तक पहुंचना आसान नहीं होता। घर के नजदीक निःशुल्क इलाज, आवश्यक दवाइयां, पैथोलॉजी जांच और चिकित्सकीय परामर्श मिलने से हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है। वर्तमान में कोंडागांव जिले में मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन अस्थायी रूप से बंद होने के कारण अनेक हितग्राही इन सुविधाओं से वंचित हैं। ऐसे में जिलेवासियों की एक ही अपेक्षा है कि यह जनहितकारी सेवा शीघ्र पुनः प्रारंभ हो।

नगर पालिका के पार्किंग में खड़ी मोबाइल मेडिकल यूनिट
जब अस्पताल खुद पहुंचता था बस्ती तक
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अस्पतालों से निकालकर सीधे लोगों के द्वार तक पहुंचाना है। मोबाइल मेडिकल यूनिट नियमित रूप से स्लम बस्तियों में पहुंचकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करती है, चिकित्सकीय परामर्श देती है तथा आवश्यक उपचार उपलब्ध कराती है। इस यूनिट में एक एमबीबीएस चिकित्सक, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट एवं वाहन चालक की पूरी टीम सेवाएं देती है।
योजना के अंतर्गत लगभग 170 प्रकार की आवश्यक दवाइयां पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही 41 प्रकार की पैथोलॉजी जांच, ईसीजी (ECG) सहित अनेक महत्वपूर्ण जांचों की सुविधा भी बिना किसी शुल्क के दी जाती है। यही कारण है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को समय पर इलाज मिलने के साथ-साथ महंगे जांच और दवाइयों के खर्च से भी राहत मिलती रही है।
इस योजना ने अनेक मरीजों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। ऐसे कई मधुमेह (शुगर) के मरीज हैं, जिन्हें नियमित शुगर जांच और निःशुल्क दवाइयां मिलने से अपने स्वास्थ्य को नियंत्रित रखने में सहायता मिली। उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों का समय-समय पर ब्लड प्रेशर परीक्षण और उपचार होता रहा। वहीं एनीमिया (खून की कमी) से ग्रसित महिलाओं एवं अन्य मरीजों को नियमित हीमोग्लोबिन जांच, आवश्यक दवाइयां और चिकित्सकीय परामर्श मिलने से उनके स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। यह योजना केवल उपचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि निरंतर स्वास्थ्य निगरानी और रोगों की रोकथाम का भी प्रभावी माध्यम बनी।

सबसे ज्यादा परेशानी नियमित मरीजों को
आज कोंडागांव के अनेक स्लम क्षेत्रों में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है। जहां पहले मोबाइल मेडिकल यूनिट के पहुंचते ही मरीजों की कतार लग जाती थी, वहीं अब कई लोग आज भी उसी उम्मीद के साथ निर्धारित स्थानों पर पहुंच जाते हैं। बुजुर्ग अपनी पुरानी पर्चियां संभालकर बैठते हैं, मधुमेह और ब्लड प्रेशर के मरीज नियमित जांच और दवा की आस लगाए रहते हैं, गर्भवती महिलाएं, माताएं और छोटे बच्चों के परिजन भी उसी परिचित वाहन का इंतजार करते हैं। लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि आज भी मोबाइल मेडिकल यूनिट नहीं आएगी, तो उनके चेहरों पर उम्मीद की जगह मायूसी दिखाई देती है। कई लोग बिना जांच, बिना दवा और बिना चिकित्सकीय परामर्श के ही भारी मन से अपने घर लौट जाते हैं। उनके मन में बस एक ही सवाल होता है—”हमारा चलता-फिरता अस्पताल फिर कब आएगा?”
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की सबसे बड़ी विशेषता यही रही है कि इसने स्वास्थ्य सेवाओं को गरीबों के दरवाजे तक पहुंचाया। यही कारण है कि इस योजना को लोगों का भरपूर विश्वास और स्नेह मिला। इसकी उपयोगिता को देखते हुए यह योजना निरंतर आगे बढ़ती रही और हजारों परिवारों के लिए भरोसे का माध्यम बनी।
स्वास्थ्य केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना ने इस अधिकार को जरूरतमंदों के घर तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया है। कोंडागांव जिले के शहरी स्लम क्षेत्र के हजारों परिवार आज भी उसी विश्वास के साथ प्रतीक्षा कर रहे हैं कि जल्द ही मोबाइल मेडिकल यूनिट के पहिए फिर दौड़ेंगे, स्वास्थ्य शिविर फिर लगेंगे, डॉक्टरों की मुस्कान फिर मरीजों का स्वागत करेगी और “चलता-फिरता अस्पताल” एक बार फिर उनके जीवन में नई उम्मीद लेकर पहुंचेगा।
कोंडागांव जिले में मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन फिलहाल अस्थायी रूप से प्रभावित है। ऐसे में जिले के नागरिकों और हितग्राहियों की अपेक्षा है कि आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इस जनकल्याणकारी योजना का संचालन शीघ्र पुनः प्रारंभ किया जाएगा। इससे एक बार फिर गरीब, बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज अपने मोहल्ले में ही निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
