RKM पावरजेन को तहसीलदार का स्थगन आदेश, रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य रुका

Dolkumar@सक्ती/डभरा-: आखिरकार शासकीय तालाब पर चल रही मिट्टी की परतों के बीच दब रही आवाज प्रशासन तक पहुंच ही गई। theLal10 डिजिटल न्यूज द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित खबर और ग्रामीणों की शिकायत के बाद राजस्व अमला हरकत में आया और डभरा तहसीलदार मनमोहन सिंह ठाकुर ने RKM पावरजेन को नोटिस जारी करते हुए निर्माण कार्य पर स्थगन आदेश थमा दिया,,।

मामला उच्चपिंडा ग्राम के खसरा नंबर 211 एवं 212 का है, जहां राजस्व अभिलेखों में शासकीय तालाब दर्ज भूमि पर कोयला परिवहन के लिए रेलवे ट्रैक निर्माण हेतु मिट्टी डाली जा रही थी। पटवारी प्रतिवेदन के अनुसार उक्त खसरे में लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र शासकीय तालाब के रूप में दर्ज है।

पहले मिट्टी डाली, फिर खबर छपी, अब लगा ‘कार्य बंद है’ का बोर्ड:
बताया जा रहा है कि जिस जगह पर तेजी से मिट्टी डालकर रेलवे ट्रैक का निर्माण किया जा रहा था, वहां अब प्लांट प्रबंधन ने “कार्य बंद है” का सूचना बोर्ड लगा दिया है। यानी कल तक जहां मशीनों की आवाज गूंज रही थी, वहां अब आदेशों की गूंज सुनाई दे रही है।

धारा 248 की एंट्री, विकास की रफ्तार पर ब्रेक:
समाचार और शिकायत के आधार पर तहसीलदार ने राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत नोटिस एवं स्थगन आदेश जारी किया है। इसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया है,,।

लगता है तालाब को रेलवे ट्रैक बनाने की जल्दी थी, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड ने बीच में आकर कहानी बदल दी। जिस तालाब पर मिट्टी डालकर “विकास” की नई पटरी बिछाई जा रही थी, वहां अब कानून की पटरी सामने आ गई है।

क्या कहते है राजस्व कानून:
डभरा तहसीलदार मनमोहन सिंह ने कहा छत्तीसगढ़ भूमि राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा या निर्माण कानूनन कार्रवाई के दायरे में आता है।

बड़ा सवाल:
अगर खबर नहीं छपती तो क्या तालाब भी धीरे-धीरे रिकॉर्ड में ही रह जाता और जमीन पर सिर्फ रेलवे ट्रैक दिखाई देता..?

फिलहाल इतना तय है कि theLal10 डिजिटल न्यूज की खबर के बाद प्रशासनिक कार्रवाई हुई है और जिस काम पर सवाल उठ रहे थे, उस पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।

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