बाराद्वार/@avdhesh-tandan। नगर की दो प्रमुख दुकानों से जुड़े बताए जा रहे राजश्री गुटखा-पान मसाला के कारोबार को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार इस कारोबार में कच्चे लेनदेन, संभावित जीएसटी चोरी तथा बिना वैध जीएसटी पंजीयन वाले गोदामों में बड़े पैमाने पर माल भंडारण किए जाने की आशंकाएं जताई जा रही हैं। मामले को लेकर प्रशासनिक और कर विभागीय जांच की मांग उठने लगी है।
जानकारी के अनुसार राजश्री गुटखा-पान मसाला की थोक बिक्री में बड़े पैमाने पर नगद लेनदेन होने की चर्चा है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि कारोबार के कुछ हिस्सों में बिलिंग व्यवस्था और वास्तविक स्टॉक के बीच अंतर की संभावना को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि ऐसा है तो यह मामला कर नियमों और व्यापारिक पारदर्शिता दोनों से जुड़ा विषय बन सकता है।
सूत्रों के मुताबिक नगर की उक्त दो दुकानों से जुड़े कुछ गोदामों में बड़ी मात्रा में गुटखा-पान मसाला का भंडारण किया जा रहा है। वहीं इन गोदामों के जीएसटी पंजीयन, स्टॉक रिकॉर्ड और दस्तावेजी स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों द्वारा भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच किए जाने से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
मामले का सबसे चर्चित पहलू यह है कि यह कथित कारोबार सक्ती कलेक्टर कार्यालय से महज लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर संचालित होने की बात कही जा रही है। ऐसे में नागरिकों का मानना है कि जिला प्रशासन को मामले का संज्ञान लेकर संबंधित विभागों के माध्यम से जांच करानी चाहिए।
क्षेत्र के व्यापारिक एवं सामाजिक लोगों का कहना है कि यदि कारोबार पूरी तरह नियमों के अनुरूप संचालित हो रहा है तो जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, वहीं किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर शासन को हो रहे संभावित राजस्व नुकसान पर भी रोक लग सकेगी।
स्थानीय नागरिकों ने सक्ती कलेक्टर, जीएसटी विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की है। उनका कहना है कि बढ़ते कारोबार और उठ रहे सवालों के बीच प्रशासनिक जांच ही स्थिति को स्पष्ट कर सकती है।

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