देवभोग (गरियाबंद): – नेतृत्व जब समर्पित हो और संकल्प जब जनसेवा का हो, तो एक वर्ष की अल्प अवधि भी उपलब्धियों की बड़ी गाथा लिख देती है। छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र जनपद पंचायत देवभोग की अध्यक्ष श्रीमती पद्यलया सुशील निधि ने अपने कार्यकाल का प्रथम वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। यह एक वर्ष न केवल उनके कुशल नेतृत्व का प्रमाण रहा, बल्कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए एक मील का पत्थर भी साबित हुआ है।जनता की चौपाल और त्वरित निराकरणअध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालते ही श्रीमती पद्यलया ने अपनी कार्यशैली से यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने दफ्तर के बजाय गांवों की चौपाल को अपनी कर्मस्थली बनाया। ‘सीधे जनसंवाद’ के माध्यम से उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय बिठाकर निराकरण सुनिश्चित किया।बुनियादी ढांचे में आया क्रांतिकारी बदलावविकास की गति को तेज करने के लिए उन्होंने बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया। क्षेत्र की दूरस्थ ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और , स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति हेतु जल जीवन मिशन की निगरानी और बिजली की समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किए। उनके कार्यकाल में कई वर्षों से लंबित निर्माण कार्यों को न केवल मंजूरी मिली, बल्कि वे तेजी से पूर्णता की ओर अग्रसर हैं।ग्रामीण सशक्तिकरण और ‘अंत्योदय’ का लक्ष्यपंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के ‘अंत्योदय’ (अंतिम व्यक्ति का उदय) के सिद्धांत को आत्मसात करते हुए अध्यक्ष महोदया ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे—आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और पेंशन योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाने के लिए ग्राम-स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन कराया। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई और लाभ सीधे जनता तक पहुँचा।श्रीमती पद्यलया सुशील निधि ने स्वयं एक महिला जनप्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र की बहनों को आत्मनिर्भर बनाने का बीड़ा उठाया। बिहान (स्व-सहायता समूहों) के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना, उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण दिलाना और स्थानीय उत्पादों के बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में उनके प्रयासों की हर तरफ सराहना हो रही है।एक आदर्श जनपद का सपनाकार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए कहा— “मेरा लक्ष्य देवभोग जनपद को छत्तीसगढ़ का एक ‘मॉडल जनपद’ बनाना है। विकास की धारा केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि हमारे वनांचल और दूरस्थ अंचल के हर घर तक पहुँचे। जब हर पात्र व्यक्ति को उसका हक मिलेगा, तभी मेरा यह सेवा-समर्पित कार्यकाल सार्थक होगा।”क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों में उनके प्रति गहरा विश्वास है। लोगों का मानना है कि श्रीमती पद्यलया के नेतृत्व में देवभोग न केवल विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा, बल्कि जनसेवा की एक नई मिसाल पेश करेगा।

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