डोल कुमार निषाद@सक्ती/डभरा -: जनपद पंचायत डभरा में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के स्थानांतरण के बावजूद उन्हें अब तक रिलीव नहीं किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नाराज जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं सभी जनपद सदस्यों ने मोर्चा खोलते हुए कल 6 अगस्त को सुबह 10 बजे जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने का ऐलान किया है।

इस संबंध में जनपद पंचायत अध्यक्ष सहित सदस्यों ने एसडीएम डभरा को ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई है,, ज्ञापन में बताया गया है कि 4 अगस्त 2026 को कलेक्टर जिला सक्ती के समक्ष उपस्थित होकर जनपद पंचायत डभरा के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिनका स्थानांतरण लगभग दो माह पूर्व हो चुका है, उन्हें अब तक कार्यमुक्त नहीं किए जाने को लेकर आपत्ति जताई गई थी।
जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि स्थानांतरण आदेश के बावजूद अधिकारी को रिलीव नहीं किया गया है। ज्ञापन के माध्यम से दो दिवस के भीतर रिलीव करने की मांग की गई थी। मांग पूरी नहीं होने पर जनपद अध्यक्ष एवं सभी जनपद सदस्य 6 अगस्त की सुबह 10 बजे से कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे,।
तबादला आदेश आया, लेकिन रिलीविंग शायद फाइलों में अटक गई.!
मामला अब महज प्रशासनिक आदेश तक सीमित नहीं रह गया है। जनपद के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से विरोध का रास्ता अपनाया है। ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि जब स्थानांतरण को दो महीने बीत चुके हैं, तो आखिर अधिकारी को कार्यमुक्त करने में ऐसी कौन-सी प्रशासनिक मजबूरी है, जो खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही.?
कल होने वाला धरना प्रशासन के लिए भी परीक्षा की घड़ी होगी,। देखना दिलचस्प होगा कि जनप्रतिनिधियों के धरने पर बैठने से पहले रिलीविंग आदेश निकलता है या फिर कुर्सी और आदेश के बीच की दूरी धरनास्थल तक पहुंचती है,,।
अब निगाहें 6 अगस्त की सुबह 10 बजे पर टिकी हैं,,।
