डोलकुमार निषाद@सक्ती/डभरा-: जिस मां ने बेटे को जन्म दिया, पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी बेटे ने मामूली पैसों के विवाद में अपनी मां की जिंदगी छीन ली। सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भेड़ीकोना से सामने आई यह घटना न केवल दिल दहला देने वाली है, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर सवाल भी खड़ा करती है-क्या नशे की लत इंसान को इतना संवेदनहीन बना सकती है कि वह अपनी ही मां का हत्यारा बन जाए?

मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम भेड़ीकोना निवासी तिहारिन बाई माली अपने बेटे लखन माली (25 वर्ष) को घर में खाना खिला रही थीं। इसी दौरान आरोपी ने विमल गुटखा खाने के लिए मां से पैसे मांगे। मां द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर बेटा आगबबूला हो गया। पहले उसने अपनी मां के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की, और जब बुजुर्ग मां जान बचाकर भागने लगी, तब आरोपी ने टेप नल के पास पत्थर उठाकर उनके सिर पर जानलेवा हमला कर दिया।

गंभीर रूप से घायल तिहारिन बाई को उपचार के लिए अस्पताल डभरा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और परिजनों में मातम छा गया।

मामले की सूचना मिलते ही थाना डभरा में अपराध क्रमांक 217/26 धारा 103(1) BNS के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल एवं एसडीओपी डभरा सुमित गुप्ता के निर्देश पर थाना डभरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज चंद घंटों के भीतर आरोपी लखन माली को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पत्थर को विधिवत जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार करते हुए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

इस त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश पटेल, एएसआई हर नारायण ताम्रकार, पीएसआई तेजेंद्र कुमार सिन्हा, महिला प्रधान आरक्षक चंद्रकला सोन, आरक्षक मिरिश साहू एवं रामगोपाल यादव की विशेष भूमिका रही।
समाज के लिए बड़ा संदेश:
यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि सामाजिक चेतावनी है। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और छोटी-छोटी बातों पर हिंसक मानसिकता परिवारों को भीतर से तोड़ रही है। जिस मां के हाथों से बेटा खाना खा रहा था, उसी मां का खून उसी के बेटे के हाथों होना समाज के लिए चिंतन का विषय है। जरूरत है कि परिवार, समाज और प्रशासन मिलकर नशे और आक्रामक व्यवहार के खिलाफ जागरूकता बढ़ाएं, ताकि कोई और मां अपने ही बेटे की हिंसा का शिकार न बने।

डभरा पुलिस की तत्परता काबिल-ए-तारीफ रही, जिसने संवेदनशील मामले में तेजी दिखाते हुए आरोपी को चंद घंटों में गिरफ्तार कर कानून पर लोगों का भरोसा मजबूत किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Have Missed
Back