“10 लाख का सामुदायिक भवन ‘गायब’! कागजों में बना, जमीन पर नहीं—खैरा कला में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा”
डोलकुमार निषाद@डभरा-:जनपद पंचायत डभरा अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरा कला में 10 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत सामुदायिक भवन निर्माण में भारी गड़बड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि भवन कागजों में बनकर तैयार हो गया, लेकिन मौके पर उसका कोई अस्तित्व ही नहीं है। इस खुलासे के बाद पूरे गांव में आक्रोश की लहर दौड़ गई है।

कागजों में निर्माण पूरा, जमीन पर खाली मैदान:
ग्रामीणों का आरोप है कि शासन द्वारा गांव के लिए सामुदायिक भवन हेतु 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन आज तक वहां कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ।
चौंकाने वाली बात यह है कि गांव के चंद्रा समाज द्वारा पहले से बनाए गए एक सामाजिक भवन को ही पूर्व सरपंच, सचिव और इंजीनियर ने कागजों में सरकारी निर्माण बताकर राशि आहरित कर ली।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कलेक्टर कार्यालय पहुंची शिकायत:
इस कथित घोटाले से नाराज ग्रामीणों ने एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय सक्ती पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
जिम्मेदारों पर उठे सवाल:
ग्रामीणों के अनुसार, इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। लोगों ने आरोप लगाया कि मिलीभगत से सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है, जिसकी गहन जांच आवश्यक है।
प्रशासन का बयान:
जनपद पंचायत डभरा के सीईओ ने मामले में कहा है कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
बड़ी खबर, बड़ा सवाल’?
1-क्या कागजों में विकास और जमीन पर शून्य—यही है सिस्टम?
2- क्या दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई या मामला दबा दिया जाएगा?
