डोलकुमार निषाद@सक्ती/मालखरौदा-:
एक मामूली रकम और मोबाइल को लेकर उपजा शक इतना खौफनाक रूप ले लेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। सक्ति जिले के थाना मालखरौदा क्षेत्र के ग्राम बंदोरा में युवक राहुल कुर्मी की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस ने महज 6 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या करने वाले कोई और नहीं, बल्कि परिचित ही निकले।

शक ने ली जान, दोस्त बने दुश्मन:
घटना 28 मार्च 2026 की सुबह की है, जब राहुल कुर्मी की लाश उसके घर के पास मिली। शव की हालत देखकर साफ था कि हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई-पहले कपड़े से गला घोंटा गया,फिर ईंट से सिर, चेहरे और माथे पर ताबड़तोड़ वार किए गए..
प्रारंभिक तौर पर मामला अज्ञात हत्या का था, लेकिन पुलिस ने तेजी दिखाते हुए जल्द ही पूरा राज खोल दिया..।
जांच में बड़ा खुलासा: पैसों और मोबाइल पर विवाद..
पुलिस पूछताछ में आरोपी इंद्र कुमार गबेल उर्फ इंदर गबेल (35 वर्ष) और नारायण यादव उर्फ निखिल (20 वर्ष) ने जो बताया, उसने सबको हैरान कर दिया
जेब से निकले 1800 रुपए को लेकर विवाद
मोबाइल का फेस लॉक खुलवाने को लेकर बहस
और मोबाइल चोरी के शक ने विवाद को हिंसक बना दिया,इसी बात पर दोनों ने मिलकर राहुल की हत्या कर दी।
सबूत पुख्ता – कपड़ा और ईंट से जुड़ा राज:
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—गला घोंटने में इस्तेमाल हुए कपड़ा,वारदात में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा बरामद कर लिया है, जिससे केस मजबूत हुआ।
6 घंटे में सलाखों के पीछे:
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में अपराध स्वीकार करने के बाद आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
अफसरों के निर्देशन में त्वरित एक्शन-तेज पुलिसिंग से खुला अंधे कत्ल का राज:
पूरे ऑपरेशन में पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल एवं एसडीओपी डॉ. भुवनेश्वरी पैंकरा के निर्देशन में टीम ने तेजी से काम किया गया।
थाना प्रभारी प्रवीण राजपूत सहित पूरी टीम की सक्रियता से केस का खुलासा संभव हुआ।

दोस्ती बदली दुश्मनी में,और खत्म हो गया एक घर का चिराग:
छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता गुस्सा और शक अब जानलेवा बनता जा रहा है “कभी-कभी मामूली विवाद भी जिंदगी छीन लेता है।”
यह वारदात समाज को चेतावनी देती है–मामूली विवाद भी जानलेवा बन सकता है
ये घटना एक कड़वी सच्चाई सामने लाती है
