
गरियाबंद देवभोग 7 दिवसीय भागवत कथा समापन के बाद राष्ट्रीय कथावाचक पंडित युवराज पांडेय ने श्रोताओं से दक्षिणा स्वरूप कम से कम एक पेड़ लगाने की मांग किया। पंडित युवराज पांडेय ने कहा कि यह पुण्य के साथ साथ पर्यावरण के लिए भी बहुत जरूरी है

देवभोग में 7 दिवसीय भागवत ज्ञान सप्ताह का समापन रविवार देर रात हुआ।कृष्ण सुदामा मिलन के मार्मिक प्रसंग के साथ भगवान के अंतिम लीला का वर्णन के बाद प्रचलित शैली में भजन कीर्तन के साथ श्रद्धालुओं ने झुमते हुए समापन कथा का आनंद लिया।इसी बीच ब्यास पीठ से ही कथा वाचक पंडित युवराज पांडेय ने सात दिनों तक कथा सुनने वाले सभी श्रोताओं को दक्षिणा की मांग रख दी।पहले तो श्रोताओं को समझ ही नहीं आया कि ब्यास पीठ से कथावाचक ने बगैर दक्षिणा दिए पुण्य नहीं मिलेगा क्यों कह दिया ।लेकिन अगले ही पल में पंडित युवराज पाण्डेय ने सभी श्रोताओं से दक्षिणा स्वरूप कम से कम एक और अधिकतम 5 पेड़ अपने आसपास लगा कर उसे जतन करने की विन्रम अपील किया।पाण्डेय ने कहा कि वाचक को बगैर दक्षिणा श्रावण का फल प्राप्त नहीं होता।मुझे दिए जाने वाला यह दक्षिणा न केवल पुण्य के लिए बल्कि आज के इस परिवेश में आने वाले भविष्य को संजोने के लिए पर्यावरण सुरक्षा भी किसी पुण्य से कम नहीं है। पांडेय के इस अपील के बाद पंडाल में मौजूद सैकड़ों ने ताली बजाकर अपनी सहमति दिया।काफिले पर अंतिम दिन भी कायम रहे_ कथा वाचक ने समापन के बाद उन्हें इनके निज निवास तक छोड़ने जाने के लिए काफिले की परिपाटी को समय के अनुसार खत्म करने की अपील किया। उन्होंने देशहित में जारी पीएम की अपील को शिरोधार्य कर देशभक्ति का प्रमाण देने सभी से अपील किया। छत्तीसगढ़ सरकार के काफिले में कटौती के निर्णय का भी स्वागत करते हुए सीएम साय को व्यास पीठ से साधुवाद दिया।
