
*गरियाबंद, 17 सितंबर 2026*
कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि विभाग गरियाबंद के संयुक्त तत्वावकार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष श्री गंगू राम साहू ने भगवान बलराम की पूजा-अर्चना एवं कृषि उपकरणों का पूजन कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर भगवान बलराम को कृषि एवं कृषक जीवन का प्रतीक बताते हुए उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं
— *डॉ. मनीष चौरसिया* ने धान के बाद चना, मसूर, तिवड़ा, अलसी आदि दलहन-तिलहन फसलों की खेती से अतिरिक्त आय और मृदा उर्वरता में सुधार की जानकारी दी।- *
डॉ. तुषार मिश्रा* ने धान की कटाई के बाद पैरा के उचित प्रबंधन और जैविक अपघटक से फसल अवशेषों को खेत में ही खाद के रूप में उपयोग करने की सलाह दी।-
*डॉ. ज्योति रमा भारद्वाज* ने सरसों की उन्नत किस्मों, उर्वरक एवं कीट प्रबंधन पर बताया।-
*डॉ. ईशु खूटे* ने प्राकृतिक खेती पद्धति और अपघटकों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में कासरबाय, मजरकट्टा, काजनसरा सहित अन्य ग्रामों के कृषक, किसान संघ के पदाधिकारी तथा कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। किसानों को फसल अवशेष नहीं जलाने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग करने और फसल चक्र में दलहन-तिलहन को शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
