
सूरज बीसी गरियाबंद
*रायपुर।अपनी लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ के लाखों संविदा कर्मी अब सड़कों पर उतरने को तैयार हैं। _छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ_ ने 01 नवम्बर 2026, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री कौशलेश तिवारी ने 06 अगस्त को जिला इकाई अध्यक्षों के साथ बैठक के बाद यह निर्णय लिया।
श्री तिवारी ने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय विभागों में संविदा कर्मी नियमित कर्मचारियों के समान काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें समान वेतन, 27 प्रतिशत महंगाई भत्ता, नियमितीकरण और सेवा सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से अब तक वंचित रखा गया है।उन्होंने कहा कि महासंघ द्वारा शासन-प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे गए, चेतावनी दी गई और वार्ता भी हुई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
जिन संविदा कर्मियों को 27 प्रतिशत डीए का लाभ मिलना था, उनके प्रकरण भी जानबूझकर लंबित रखे गए हैं। श्री तिवारी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के समय “मोदी की गारंटी” में संविदा कर्मचारियों की मांगों को शामिल किया था, लेकिन उसके लिए गठित समिति की अब तक कोई समीक्षा नहीं हो रही है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि “हम राज्य के निर्माण में भागीदार हैं। जिस दिन राज्य बना उसी दिन अगर हमें अपना हक नहीं मिल रहा तो हम काम कैसे करें?” इसी पीड़ा के कारण विवश होकर हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा है।
श्री तिवारी ने बताया कि 01 नवम्बर से प्रदेश के समस्त संविदा कर्मी कार्य बहिष्कार कर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे। यदि इसके बाद भी शासन ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सभी संविदा साथियों से अनुशासित रहकर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है।
