“जहां लोग डर से पीछे हटते हैं, वहां 19 साल की निधि सोनी बेजुबानों की जिंदगी बचाने के लिए सबसे आगे खड़ी नजर आती हैं।”
सैकड़ों सांपों को मौत के मुंह से निकाला, घायल गाय-डॉग का कराया इलाज, सोनार समाज और सक्ती जिले का बढ़ा रही मान
डोलकुमार निषाद@सक्ती-: आज के दौर में जहां इंसान अक्सर इंसान की मदद करने से कतराता है, वहीं सक्ती जिले के ग्राम हरेठी की निधि सोनी बेजुबान जीवों की जिंदगी बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने से भी नहीं हिचकतीं। महज 19 वर्ष की उम्र में उन्होंने पशु संरक्षण और सर्प रेस्क्यू के क्षेत्र में ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है कि आज जिले भर में उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है।

बरसात का मौसम आते ही गांवों और शहरों में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। लोग डर के कारण उन्हें मारने पर उतारू हो जाते हैं। ऐसे समय में निधि सोनी लोगों के डर और सांपों की मौत के बीच एक मजबूत ढाल बनकर खड़ी हो जाती हैं। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचती हैं, सांप का सुरक्षित रेस्क्यू करती हैं और उसे उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ देती हैं।

फुफकार से नहीं डरती, मौत से लड़कर बचाती हैं जिंदगी:
जहां जहरीले सांप का नाम सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं, वहीं निधि सोनी बिना घबराए रेस्क्यू अभियान में जुट जाती हैं। सक्ती ही नहीं, आसपास के अन्य जिलों से भी उन्हें लगातार बुलावा आता है। घरों, स्कूलों, खेतों, कुओं और सार्वजनिक स्थानों से अब तक वे सैकड़ों सांपों का सफल रेस्क्यू कर चुकी हैं।

उनकी पहचान केवल एक सर्प रेस्क्यूअर की नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण की सच्ची प्रहरी के रूप में बन चुकी है। कई बार जख्मी और घायल सांपों का उपचार करवाकर उन्हें स्वस्थ किया गया और बाद में सुरक्षित जंगलों में छोड़ा गया।


घायल गाय, डॉग और बेजुबानों के लिए बनीं सहारा:
निधि का सेवा कार्य केवल सांपों तक सीमित नहीं है। सड़क किनारे तड़पते घायल कुत्ते हों, बीमारी से जूझती गाय हो या कुएं में गिरा कोई बेजुबान जानवर—हर जरूरतमंद जीव के लिए निधि मदद का हाथ बढ़ाती हैं। वे पशु चिकित्सकों से संपर्क कर उपचार की व्यवस्था करवाती हैं और कई बार स्वयं मौके पर मौजूद रहकर इलाज सुनिश्चित करती हैं। उनके प्रयासों से अनेक घायल गायों, कुत्तों और अन्य पशुओं को नया जीवन मिल चुका है। पशुओं के प्रति उनका प्रेम और समर्पण देखते ही बनता है।

पढ़ाई भी, समाजसेवा भी… और मिशन भी:
निधि सोनी वर्तमान में अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका पशु सेवा का अभियान लगातार जारी है। दिन हो या रात, बारिश हो या गर्मी, मदद की सूचना मिलते ही वे निकल पड़ती हैं।
उनका मानना है कि “सांप दुश्मन नहीं, बल्कि प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। उन्हें मारना नहीं, समझना और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना चाहिए।”
यही सोच उन्हें अन्य लोगों से अलग बनाती है। वे लगातार लोगों को जागरूक भी करती हैं कि सांप दिखने पर घबराने के बजाय विशेषज्ञों की सहायता लें।

सोशल मीडिया से लेकर गांव-गांव तक बनी पहचान:
निधि का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय नेटवर्क है, जहां से लोग उनसे संपर्क कर रेस्क्यू सहायता मांगते हैं। डभरा, किरारी, रेड़ा, तुंडरी, रायपुरा, सक्ती सहित आसपास के अनेक गांवों में उनके द्वारा किए गए सफल रेस्क्यू आज भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। कई परिवार ऐसे हैं जो उनके समय पर पहुंचने और सफल रेस्क्यू के कारण राहत की सांस ले सके। आज लोगों के बीच उनकी पहचान एक निडर और समर्पित रेस्क्यूअर के रूप में बन चुकी है।
सोनार समाज के लिए गौरव और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनीं निधि सोनी:
सक्ती जिले के ग्राम हरेठी की 19 वर्षीय निधि सोनी केवल पशु प्रेम और सर्प रेस्क्यू के लिए ही नहीं जानी जातीं, बल्कि वे पूरे सोनार समाज का नाम भी रोशन कर रही हैं। जिस उम्र में अधिकांश युवा अपने भविष्य को लेकर सोचते हैं, उस उम्र में निधि समाज सेवा और जीव संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहचान बना चुकी हैं।
निधि ने यह साबित कर दिया है कि समाज की बेटियां यदि ठान लें तो किसी भी क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। उनका साहस, सेवा भाव और बेजुबान जीवों के प्रति समर्पण आज सोनार समाज की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। सोनार समाज हमेशा से अपने परिश्रम, संस्कार और सामाजिक योगदान के लिए जाना जाता रहा है। निधि सोनी ने अपने कार्यों से इन मूल्यों को और मजबूत किया है। उन्होंने यह संदेश दिया है कि समाज की पहचान केवल व्यवसाय या परंपराओं से नहीं, बल्कि सेवा और मानवता के कार्यों से भी बनती है। आज निधि सोनी का नाम सुनते ही लोगों के मन में एक ऐसी बेटी की तस्वीर उभरती है, जो अपनी जान की परवाह किए बिना बेजुबानों की रक्षा के लिए आगे बढ़ जाती है। उनका यह कार्य न केवल सक्ती जिले बल्कि पूरे सोनार समाज के लिए गर्व का विषय है।
समाज के वरिष्ठजन भी मानते हैं कि निधि जैसी बेटियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं। उनका साहस, आत्मविश्वास और सेवा भावना युवाओं को समाज और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है,,। निधि सोनी ने यह साबित कर दिया है कि असली पहचान पद, पैसा या प्रसिद्धि से नहीं, बल्कि समाज और जीव-जंतुओं के प्रति किए गए निस्वार्थ सेवा कार्यों से बनती है।
इंसानियत की मिसाल बन रही है सक्ती की यह बेटी:
जब अधिकांश लोग सांप देखकर पत्थर उठाते हैं, तब निधि सोनी उसे सुरक्षित जीवन देने का रास्ता चुनती हैं। जब घायल बेजुबान दर्द से तड़पते हैं, तब निधि उनके लिए उम्मीद बनकर पहुंचती हैं।
सक्ती जिले की यह युवा बेटी सिर्फ सांपों का रेस्क्यू नहीं कर रही, बल्कि इंसानियत, संवेदनशीलता और जीव संरक्षण की ऐसी मिसाल गढ़ रही है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
निधि सोनी यह साबित कर रही हैं कि सेवा का कोई धर्म, जाति या उम्र नहीं होती, केवल एक बड़ा दिल और जीवों के प्रति सच्चा प्रेम होना चाहिए।
