चंद्रपुर को-ऑपरेटिव बैंक पर संगीन आरोप, वायरल वीडियो से मचा बवाल..
डोलकुमार निषाद@डभरा/चंद्रपुर-: यह बैंक है या ‘रिश्वतखोरी का अड्डा’? चंद्रपुर को-ऑपरेटिव बैंक में जो तस्वीर सामने आ रही है, उसने पूरे इलाके में गुस्से की आग भड़का दी है। आरोप है कि यहां खुलेआम पैसे लेकर भुगतान पहले किया जा रहा है, जबकि गरीब किसान घंटों लाइन में खड़े-खड़े अपनी बारी का इंतजार करते रह जाते हैं।

सुबह से पसीना बहा रहे किसानों की हालत देखकर भी सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ रहा। अंदर कथित तौर पर “सेटिंग” का खेल चल रहा है—जिसने पैसा दिया, उसका काम फटाफट… और जो ईमानदारी से लाइन में खड़ा है, वह सिर्फ इंतजार करता रह जाए!
“किसान बेबस, दलाल मस्त!”
बैंक के बाहर लगी कतार अब सिर्फ लाइन नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का सबूत बन चुकी है।
आरोप है कि कुछ लोग सीधे अंदर जाकर अपना भुगतान ले रहे हैं, जबकि असली हकदार किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
एक आक्रोशित किसान ने बोला— “क्या अब अपना ही पैसा निकालने के लिए भी रिश्वत देनी पड़ेगी?”
हम गरीब हैं, इसलिए हमारी सुनवाई नहीं?”लाइन में खड़े किसानों का गुस्सा साफ झलक रहा है।
एक और किसान ने बताया–सुबह से खड़े हैं, लेकिन जिनके पास पहुंच है या पैसे हैं, उनका काम पहले हो रहा है… हम क्या करें?”

वायरल VIDEO ने मचाया भूचाल :
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर पैसे लेकर पहले भुगतान करने की बात सामने आ रही है।
हालांकि, The Lal 10 इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
प्रशासन पर बड़ा सवाल:
क्या बैंक में खुलेआम ‘रिश्वत का रेट’ तय हो चुका है?
क्या किसानों की मेहनत अब दलालों के हाथों गिरवी रख दी गई है? और सबसे बड़ा सवाल—प्रशासन आखिर कब जागेगा?
जनता की मांग – तुरंत हो कार्रवाई!
क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों के साथ हो रहे इस अन्याय पर रोक लग सके.। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मुद्दा बड़ा जनआंदोलन बन सकता है!
“किसान लाइन में रोए, अंदर नोटों का खेल होए!”
अब फैसला प्रशासन के हाथ में—न्याय मिलेगा या यूं ही चलता रहेगा ‘रिश्वत का राज’?
