जांजगीर-चांपा :- जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया ने मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में लाखों रुपये के फर्जीवाड़े का गंभीर मामला उजागर किया है। इस संबंध में उन्होंने जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।शिकायत के अनुसार विकासखंड बम्हनीडीह निवासी स्वर्गीय श्रीमती सुमन बाई पटेल के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर श्रम विभाग में पंजीयन कराया गया तथा गलत मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर योजना की सहायता राशि स्वीकृत कर ली गई। जबकि वास्तविक मृत्यु तिथि पूर्व की होने के बावजूद दस्तावेजों में हेरफेर कर शासन की जनकल्याणकारी योजना का लाभ लिया गया।बताया गया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ₹1,00,000 की सहायता राशि संबंधित बैंक खाते में अंतरित कर दी गई। मामले में विभागीय स्तर पर मिलीभगत की आशंका भी जताई गई है।

श्री जयपुरिया ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि श्रम विभाग से जुड़े दलालों एवं अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई, राशि की रिकवरी तथा जिलेभर में योजनाओं की विशेष जांच एवं ऑडिट कराने की मांग की है।उन्होंने स्पष्ट कहा कि “प्रदेश में भाजपा और सुशासन की सरकार है गरीब एवं श्रमिकों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

नया पंजीयन बंद,श्रम निरीक्षक पर सवाल

वही स्थानीय लोगों ने बताया कि बम्हनीडीह क्षेत्र में श्रम विभाग के दलाल लगातार गांव-गांव में सक्रिय हैं जो लोगों से श्रम पंजीयन के नाम पर 500-600 रुपये कि वसुली करते हैं,वही श्रम विभाग में हितग्राही स्वंय नये पंजीयन के लिए आनलाईन आवेदन करते हैं तब कुछ न कुछ बहाना बनाके श्रम निरीक्षक द्वारा आवेदन निरस्त कर दिया जाता है,मजबूरी में हितग्राही दलालों के माध्यम से अपना श्रम कार्ड बनवाते है।

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