पहले शादी के सपने दिखाने का आरोप, बात विवाह तक पहुंची तो बदल गया इरादा; शिकायत हुई तो पुलिस ने भी दिखाया कानून का रास्ता
डोल कुमार निषाद/सक्ती-डभरा-: शादी का नाम लेकर भरोसा जीतना और फिर विवाह की बात आते ही किनारा कर लेना—डभरा पुलिस के सामने ऐसा ही एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ग्राम फरसवानी निवासी खगेश्वर प्रसाद चंद्रा (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे विवाह का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए। लेकिन जब रिश्ते को नाम देने और विवाह करने की बारी आई तो कथित तौर पर आरोपी ने साफ तौर पर विवाह से इंकार कर दिया।
यानी मामला कुछ ऐसा कि वादे रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए और जब जिम्मेदारी निभाने की बारी आई तो “विवाह” शब्द ही भारी पड़ गया। हालांकि, अब इस पूरे मामले का फैसला अदालत की प्रक्रिया से होगा।
पीड़िता की रिपोर्ट पर डभरा थाने में अपराध दर्ज किया गया। मामला दर्ज होने के अगले ही दिन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से साफ है कि शिकायत के बाद मामला सिर्फ कागजों में दर्ज होकर फाइलों के नीचे दबने वाला नहीं था।
शादी का झांसा देकर भरोसा जीतना आसान, लेकिन कानून को झांसा देना मुंमकिन नहीं था
मामले में पुलिस अधीक्षक सक्ती प्रफुल ठाकुर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और एसडीओपी चंद्रपुर सुमित गुप्ता के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने कार्रवाई करते हुए 4 अगस्त को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश पटेल, ASI नीलमणि कुसुम, प्रधान आरक्षक रमेश चंद्रा, आरक्षक मिरिश साहू, हरिहर सिंह एवं राजेश धीरहे सहित थाना डभरा पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अब वादों का हिसाब अदालत में होगा
शादी जैसे रिश्ते में भरोसा सबसे बड़ी चीज होती है। लेकिन यदि पुलिस के अनुसार उसी भरोसे को शादी का झांसा देकर इस्तेमाल किया गया है, तो मामला केवल निजी रिश्ते के टूटने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कानून के दायरे में पहुंच जाता है।
फिलहाल आरोपी न्यायिक रिमांड पर है और मामले की आगे की कार्रवाई न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत होगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होगी और दोष सिद्ध होने तक आरोपी को कानूनन निर्दोष माना जाएगा।
डभरा पुलिस ने महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि शादी का झांसा देकर कानून से आंख-मिचौली खेलने की कोशिश महंगी पड़ सकती है।
