कोरबा की बस्तियों से स्कूलों तक मोबाइल मेडिकल यूनिट की दस्तक; 10 MMU ने 10.35 लाख से अधिक मरीजों को दिया उपचार
कोरबा। कभी इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचना ही सबसे बड़ी चुनौती होता था। रोज कमाने-खाने वाले परिवारों के लिए एक दिन अस्पताल जाना मतलब एक दिन की मजदूरी का नुकसान। बुजुर्गों के लिए लंबी दूरी परेशानी, महिलाओं के लिए अपनी स्वास्थ्य समस्या बताने में झिझक और गरीब परिवारों के लिए जांच-दवा का खर्च अलग चिंता।
अब तस्वीर बदल रही है। कोरबा में स्वास्थ्य सेवा मरीजों के अस्पताल तक पहुंचने का इंतजार नहीं कर रही, बल्कि खुद मरीजों के करीब पहुंच रही है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट यानी MMU शहर की बस्तियों, मोहल्लों और स्कूलों तक पहुंचकर लोगों को उपचार, जांच, चिकित्सकीय परामर्श और निःशुल्क दवाओं की सुविधा दे रही हैं।
जिले में संचालित 10 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक 10.35 लाख से अधिक मरीज उपचार का लाभ ले चुके हैं। इसी दौरान 3.26 लाख से अधिक पैथोलॉजी जांच की गई हैं, जबकि 8.50 लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं।
आंकड़ों से आगे, बदलती तस्वीर
इन आंकड़ों को सिर्फ सरकारी उपलब्धि के रूप में देखना तस्वीर का एक हिस्सा होगा। असली बदलाव उस परिवार के लिए है, जिसे छोटी बीमारी के लिए अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ी। उस बुजुर्ग के लिए है, जिसे अपने घर के आसपास ही डॉक्टर की सलाह मिल गई। उस श्रमिक के लिए है, जिसने इलाज के लिए पूरा दिन काम से दूर नहीं रहना पड़ा।
यही वजह है कि कई इलाकों में MMU को लोग केवल स्वास्थ्य वाहन नहीं, बल्कि अपने आसपास उपलब्ध चिकित्सा सुविधा के रूप में देखने लगे हैं।
जांच से लेकर दवा तक, एक ही जगह सुविधा
मोबाइल मेडिकल यूनिट की व्यवस्था में मरीजों को डॉक्टर से परामर्श के साथ आवश्यक स्वास्थ्य जांच और दवाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। बीपी, शुगर, एनीमिया जैसी सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं की निगरानी में भी यह सुविधा उपयोगी साबित हो रही है।
नियमित जांच से मरीज अपनी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अधिक जागरूक हो रहे हैं और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह भी ले पा रहे हैं।
स्कूलों में पहुंची MMU, बच्चों के स्वास्थ्य पर फोकस
MMU की गतिविधियां केवल बस्तियों तक सीमित नहीं हैं। स्कूलों में भी स्वास्थ्य जांच और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ उन्हें स्वच्छता, हाथों की सफाई, पौष्टिक भोजन, पर्याप्त पानी, स्वस्थ दिनचर्या और मौसमी बीमारियों से बचाव की जानकारी दी जा रही है।
इस पहल का उद्देश्य केवल बीमारी की पहचान करना नहीं, बल्कि बच्चों में कम उम्र से ही स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करना भी है।

महिलाओं के लिए ‘दाई दीदी क्लिनिक’ बना भरोसे का मंच
महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर अक्सर झिझक और संकोच देखने को मिलता है। इसे ध्यान में रखते हुए ‘दाई दीदी क्लिनिक’ जैसी पहल महिलाओं को सहज वातावरण में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
महिला स्टाफ की मौजूदगी में महिलाएं अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को अधिक सहजता से साझा कर सकती हैं। आवश्यकता के अनुसार जांच, चिकित्सकीय सलाह और उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।
श्रमिक और बुजुर्गों के लिए खास राहत
कोरबा की औद्योगिक पहचान के साथ यहां बड़ी संख्या में श्रमिक और दैनिक मजदूरी करने वाले परिवार भी रहते हैं। ऐसे परिवारों के लिए समय और आय दोनों महत्वपूर्ण हैं।
मोहल्ले के करीब स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें सामान्य उपचार के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम होती है। इसी तरह बुजुर्गों और ऐसे मरीजों के लिए भी MMU राहत का माध्यम बन रही है, जिनके लिए बार-बार अस्पताल जाना आसान नहीं होता।

स्वास्थ्य सेवा के साथ रोजगार के अवसर
मोबाइल मेडिकल यूनिट का प्रभाव केवल मरीजों तक सीमित नहीं है। इसके संचालन में डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और ड्राइवर सहित विभिन्न स्तर के कर्मचारियों की आवश्यकता होती है।
इस लिहाज से MMU स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने का माध्यम भी बन रही हैं।
मैदानी टीम के समन्वय से लगातार संचालन
मोबाइल मेडिकल यूनिट के सुचारू संचालन में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और वाहन चालकों की मैदानी टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कोरबा जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी, नगरीय प्रशासन एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में सेवाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने का प्रयास जारी है।
वहीं बव्या हेल्थ सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की टीम द्वारा भी MMU के नियमित संचालन, स्टाफ की उपलब्धता और मैदानी व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए लगातार समन्वय किया जा रहा है।

10.35 लाख मरीजों का आंकड़ा, लाखों परिवारों की कहानी
10.35 लाख से अधिक उपचार, 3.26 लाख से ज्यादा जांच और 8.50 लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क दवा—ये आंकड़े कोरबा में मोबाइल मेडिकल यूनिट की पहुंच को जरूर बताते हैं, लेकिन इसकी असली सफलता उन लोगों के अनुभवों में दिखाई देती है जिन्हें समय पर डॉक्टर, जांच और दवा अपने ही क्षेत्र में मिल रही है।
आज MMU के पहुंचने का मतलब कई परिवारों के लिए है—
अस्पताल की दूरी कम होना, इलाज का खर्च घटना, समय की बचत और बीमारी को लेकर समय पर सलाह मिलना।
इसी बदलाव ने कोरबा में मोबाइल मेडिकल यूनिट को धीरे-धीरे ‘चलते-फिरते अस्पताल’ से आगे, लोगों के भरोसे की स्वास्थ्य सेवा बना दिया है।
