रात में बाइक उड़ाने निकले थे जनाब, लेकिन सुबह तक खुद जेल की गाड़ी में उड़ते नजर आए।”
डोलकुमार निषाद@सक्ती/डभरा-: रात के करीब ढाई बजे एक युवक ने सोचा कि मोहल्ला गहरी नींद में होगा और घर के बाहर खड़ी स्प्लेंडर बाइक आराम से लेकर निकल जाएगा। लेकिन उसकी पूरी “चोरी योजना” उस समय धरी की धरी रह गई, जब बाइक मालिक की नींद ठीक उसी वक्त खुल गई। कहते हैं, चोर की किस्मत भी कभी-कभी अलार्म घड़ी से हार जाती है।

मालिक ने शोर मचाया तो परिवार और मोहल्लेवासी भी जाग गए। कुछ ही पलों में बाइक लेकर भागने का सपना देखने वाला युवक खुद लोगों के घेरे में फंस गया। जिस बाइक पर फर्राटा भरने की उम्मीद थी, उसकी जगह अब पुलिस की गाड़ी में बैठकर थाने का सफर करना पड़ा।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अविनाश चौहान उर्फ मिथुन (30 वर्ष), पिता टारजन, निवासी इंदिरा नगर, गंगाराम तालाब, थाना कोतवाली रायगढ़ तथा वर्तमान पता ढीमरापुर, केंवड़ाबाड़ी चौक, वार्ड क्रमांक 05 बताया। पूछताछ के दौरान उसने चोरी की कोशिश स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर चोरी की गई मोटरसाइकिल और दो चाबियां भी बरामद कर ली गईं। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आजकल चोरी से ज्यादा तेज़ मोहल्ले वालों की नींद और पुलिस की कार्रवाई है। रात के अंधेरे में “मिशन स्प्लेंडर” लेकर निकले जनाब का मिशन कुछ ही मिनटों में “मिशन जेल” में बदल गया।
“बाइक का लॉक खोलने निकले थे, लेकिन किस्मत ने सीधे जेल का गेट खोल दिया। अब कुछ दिन स्प्लेंडर नहीं, जेल की बैरक ही उनकी सवारी रहेगी।”
